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नादमंत्र

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे
प्रथम स्वर · 0:00 / 2:38
मूलजिन शब्दों पर यह रचा गया है

रुद्र गायत्री

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि ।

तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॥

oṃ tatpuruṣāya vidmahe mahādevāya dhīmahi |

tan no rudraḥ pracodayāt ||

हम उस परम पुरुष को जानें; महादेव का हम ध्यान करते हैं। वे रुद्र हमें उस ओर प्रेरित करें।

तैत्तिरीय आरण्यक 10 (महानारायण उपनिषद्)। श्लोक, उसका अर्थ और मूल स्रोत पढ़ें →

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