तीन दलों वाला, तीन गुणों के आकार का, तीन नेत्रों और त्रिशूल के समान, तीन जन्मों के पापों का नाश करने वाला — एक बिल्वपत्र मैं शिव को अर्पण करता हूँ।
लिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाते समय बोला जाता है। शिव पुराण बिल्व की महिमा विस्तार से कहता है (विद्येश्वर संहिता, अध्याय 22); यह श्लोक स्वयं बाद के बिल्वाष्टकम् का है।
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मूल पाठ
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् ।
त्रिजन्मपापसंहारम् एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥
tridalaṃ triguṇākāraṃ trinetraṃ ca triyāyudham |
tri-janma-pāpa-saṃhāram eka-bilvaṃ śivārpaṇam ||
अनुवाद
तीन दलों वाला, तीन गुणों के आकार का, तीन नेत्रों और त्रिशूल के समान, तीन जन्मों के पापों का नाश करने वाला — एक बिल्वपत्र मैं शिव को अर्पण करता हूँ।
अनुवादक: ॐ नमः शिवाय टीम
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