सब लोकों के गुरु को, संसार-रोग से पीड़ितों के वैद्य को, सारी विद्याओं के भंडार को — श्री दक्षिणामूर्ति को नमस्कार।
दक्षिणामूर्ति स्तोत्र के साथ, और विद्यार्थियों द्वारा अध्ययन से पहले, पढ़ा जाने वाला ध्यान-श्लोक।
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मूल पाठ
गुरवे सर्वलोकानां भिषजे भवरोगिणाम् ।
निधये सर्वविद्यानां श्रीदक्षिणामूर्तये नमः ॥
gurave sarva-lokānāṃ bhiṣaje bhava-rogiṇām |
nidhaye sarva-vidyānāṃ śrī-dakṣiṇāmūrtaye namaḥ ||
अनुवाद
सब लोकों के गुरु को, संसार-रोग से पीड़ितों के वैद्य को, सारी विद्याओं के भंडार को — श्री दक्षिणामूर्ति को नमस्कार।
अनुवादक: ॐ नमः शिवाय टीम
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